आजचा शेर
हम कयामत तक कुछ सासें लेलेकर भी जी लेते.
मगर आपकी आदाओने हमे पाह्लेही मारदीया ….
हा शेर आज तिच्याशी बोलता बोलता सहज तयार झाला . माला खूप आवडला तुम्हाला पण नक्कीच आवडेल.
आपला
( सतिष अहिरे )
तेरी याद आयी, तेरे याद ने भी की बेवफाई,
ReplyDeleteतडफता मुझे देखकर पागल वो चली आयी,
तूने छोड़ दिया और उसने निभाया मेरा साथ,
अभी हम ही रहते एकसाथ, मै और मेरी तनहाई.....
विचार:- घननील ( नील चिपकर ).
kya bat hai neel khup chan
ReplyDeleteधन्यवाद भाऊ......
Deleteसुंदर
ReplyDeleteVery good yar
ReplyDeleteथैंक्स कुणाला
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