Monday, 8 December 2014

    आजची चारोळी 

    बरसण्याचा आशेवर 
    ढगांच गर्जत येन 
    तहानलेल झाड घेरलेल पाहून 
    मुक्याने निघून जान………  ( स्पर्श काळजाचा प्रकाशित २१एप्रिल २०१३ )

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